
रायपुर। अंबिकापुर के दरिमा हवाई अड्डे से शुरू की गई अंबिकापुर-रायपुर-बिलासपुर हवाई सेवा मात्र दो महीने में ही बंद हो गई। महंगे टिकट और अनियमित उड़ानों के कारण यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई, जिससे एयरलाइन कंपनी फ्लाईबिग को यह सेवा रोकनी पड़ी।
यात्रियों की कमी बनी सेवा बंद होने की वजह
अंबिकापुर से बिलासपुर और रायपुर के लिए शुरू की गई इस सेवा में शुरुआत में किफायती किराया रखा गया था, जिससे यात्रियों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली। लेकिन जैसे ही किराया बढ़ाया गया, यात्रियों का रुझान घटने लगा।
- सेवा की शुरुआत में बेस फेयर ₹999 रखा गया था, जो टैक्स सहित ₹1250 तक था।
- बाद में इसे ₹1999 से ₹3999 तक बढ़ा दिया गया, जिससे यात्रियों का उत्साह ठंडा पड़ गया।
- फ्लाइट शेड्यूल भी अनियमित रहा, जिससे यात्रियों का भरोसा कम हुआ।
फ्लाइट ऑपरेशन ठप होने की मुख्य वजहें
➡ फ्लाईबिग कंपनी ने बिना आधिकारिक घोषणा किए ही इस रूट पर सेवाएं बंद कर दी हैं। एयरलाइन की वेबसाइट भी डाउन हो चुकी है, जिससे टिकटों की बुकिंग संभव नहीं है।
➡ कंपनी ने सेवा बंद करने का कारण AOG (Aircraft on Ground) बताया है, जो आमतौर पर तकनीकी या ऑपरेशनल दिक्कतों से जुड़ा होता है।
➡ DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को सप्ताह में 6 दिन उड़ानें संचालित करने का शेड्यूल दिया गया था, लेकिन इसे कभी पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका।
➡ अंबिकापुर-बिलासपुर रूट की सड़क मार्ग से दूरी सिर्फ 3.30 घंटे की है, जिससे हवाई सेवा का फायदा यात्रियों को नहीं दिखा।
➡ रायपुर-अंबिकापुर फ्लाइट सप्ताह में सिर्फ दो दिन उपलब्ध थी, और इसकी टाइमिंग भी असुविधाजनक थी।
महंगे किराए पर उठे सवाल, किराया कम करने की मांग
सरगुजा के सांसद चिंतामणि महाराज ने इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा करने की बात कही है, ताकि किराया कम किया जा सके और सेवा को दोबारा शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जा सकें। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
➡ विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक किराए कम नहीं किए जाते और नियमित शेड्यूल लागू नहीं किया जाता, तब तक इस रूट पर हवाई सेवा की सफलता संदिग्ध बनी रहेगी।
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