हसदेव नदी में तीन छात्रों की दर्दनाक मौत: रेस्क्यू ऑपरेशन के तीसरे दिन मिले शव

 


दो छात्रों के शव दिन में, तीसरे का शव रात में बरामद, SDRF और नगरसेना की टीम ने किया रेस्क्यू

कोरबा। हसदेव नदी में डूबने से लापता हुए तीन छात्रों के शव गुरुवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरामद कर लिए गए। यह तीनों छात्र सोमवार, 3 फरवरी से लापता थे। दो छात्रों के शव गुरुवार सुबह और दोपहर में मिले, जबकि तीसरे छात्र का शव रात में दर्री डेम के पास से बरामद किया गया।

कैमरे में कैद हुई थी आखिरी तस्वीरें
दर्री के सीएसईबी के पश्चिम क्षेत्र से तीनों छात्र 3 फरवरी को एक ही बाइक पर सवार होकर हसदेव नदी की ओर जाते हुए CCTV कैमरे में कैद हुए थे। उनकी बाइक, कपड़े और अन्य सामान नदी किनारे मिले थे, जिसके बाद से उनकी तलाश शुरू की गई थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन: दो दिन तक चला तलाशी अभियान
एसडीआरएफ और नगरसेना की टीम ने मोटर बोट और स्कूबा डाइविंग की मदद से लगातार दो दिन तक हसदेव नदी के डुबान क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। गुरुवार सुबह 10:30 बजे सागर चौधरी का शव जलकुंभी में फंसा हुआ मिला।

रेस्क्यू टीम के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण शव बहकर घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर हाइटेंशन टॉवर के पास पहुंच गया था। सागर के शव की शिनाख्त परिजनों ने की।

बजरंग और आशुतोष के शव भी मिले
सागर का शव मिलने के बाद उसके दोस्तों बजरंग और आशुतोष की तलाश तेज कर दी गई। दोपहर 2 बजे बजरंग का शव घटना स्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर जलकुंभी में फंसा मिला।

तीसरे छात्र आशुतोष का शव देर रात 9 बजे दर्री डेम के पास मछुआरों की मदद से नाव के जरिए बरामद किया गया। इससे पहले शाम 5 बजे तक चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में उसका कोई सुराग नहीं मिला था। रात 8 बजे एक मछुआरे ने पानी में शव देखा और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद टीम ने उसे बाहर निकाला।

परिवार में छाया मातम
तीनों छात्रों के शव मिलने के बाद उनके परिवारों में गहरा शोक है। प्रशासन ने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना कैसे घटी।

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