चक्रधरपुर। सरेइकेला-खरसावां जिले के राजखरसावां अंतर्गत काशीडीह गांव की रहने वाली 23 वर्षीय गर्भवती महिला लक्ष्मी देवी, पति सुनील कुमार को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर एक निजी क्लीनिक में लाया गया था। क्लीनिक में डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड किए जाने के बाद बताया गया कि प्रसव में अभी पांच दिन का समय है। इसके बाद परिजन महिला को लेकर कांटाभांजी-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस से वापस घर ले जाने के लिए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।
करीब डेढ़ बजे स्टेशन परिसर में ही महिला को तीव्र प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति को गंभीर देख ड्यूटी पर तैनात महिला आरपीएफ कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेलवे अस्पताल को सूचना दी।

सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल की डॉक्टर नंदिनी और नर्सों की टीम प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर पहुंची। आरपीएफ की महिला कांस्टेबल प्रिया कुमारी, कविता और एसआई इंद्रजीत कुमार के सहयोग से कपड़ों की आड़ बनाकर प्लेटफॉर्म पर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस पूरी प्रक्रिया में स्टेशन मास्टर ने भी अहम भूमिका निभाई।

फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और उनका उपचार चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में किया जा रहा है। यह मानवीय सहयोग और तत्परता का उदाहरण पूरे अंचल में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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