*दूरस्थ वनांचलों में ग्रामीणों को मिला आवागमन का सुगम मार्ग*
*बलरामपुर, 12 नवंबर 2025/* विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और उनके जीवन स्तर का बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विभिन्न विकासात्मक गतिविधियां की जा रही है। जिसके तहत् सड़क निर्माण कार्यों की दिशा में पहल करते हुए ग्रामीण अंचलो और दूरस्थ वनांचलों में बसे समुदायों तक विकास का रास्ता खोल दिया है।
*योजना के तहत प्रथम चरण में 29 सड़कें पूर्ण*
पीएम-जनमन योजना अंतर्गत पीवीटीजी बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु वर्ष 2023-24 में सड़क निर्माण कार्य योजना प्रारंभ की गई। इस योजना के तहत् प्रथम चरण वर्ष 2023-24 में कुल 72 सड़कें, लंबाई 300.05 कि.मी. स्वीकृति प्राप्त हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 की कुल 72 सड़कों में से 29 सड़कों में डामरीकृत कार्य लंबाई 84.35 कि.मी. पूर्ण कर लिया गया है। 29 सड़कों के पूर्ण होने से लगभग 05 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जिले के विशेष पिछड़ी जनजातीय पहाड़ी कोरवा, पण्डो जैसे समुदाय तक शासन की योजनाएं पहुंचने लगी है। ये वे समुदाय हैं जो वर्षों से जंगलों और पहाड़ों के बीच निवास करते आ रहे थे। जिन तक आवागमन के साधन सीमित थे। जहां बरसात के मौसम में गांव का संपर्क टूट जाता था, सड़कों के माध्यम से अब समुदाय के लोग वर्ष भर निर्बाध आवागमन कर पा रहे हैं। अब इन इलाकों में सड़कें बनने से पीवीटीजी बसाहटों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए बसाहटों से मंडियों, कृषि बाजारों, अन्य किसान संबंधित उद्यमों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेजों, अस्पतालों तक पहुंच आसान हुई है।
*मार्च 2026 तक 58 नई सड़कों को पूर्ण करने का लक्ष्य*
पीएम जनमन सड़क योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 में द्वितीय चरण में 58 नई सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिनकी कुल लम्बाई 117.93 कि.मी. है। इन सभी सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिसे मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन सड़कों के पूर्ण हो जाने से लगभग 13,888 लोग लाभान्वित होंगे। शासन-प्रशासन द्वारा पीवीटीजी बसाहटों में सड़क निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है, ताकि शासन की अन्य योजनाएं भी इन बसाहटों तक सहज पहुंच सकेगी। सड़कों के पूर्ण हो जाने पर जिले लगभग सभी पीव्हीटीजी बसाहटें मुख्य सड़क नेटवर्क से जुड़ जाएंगी, जिसका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलेगा।
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