झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची की दर्दनाक दास्तां: नाबालिग की आपबीती सुनकर पुलिस भी रह गई हैरान, 26 वर्षीय युवक पर तीन साल से हो रहा था यौन शोषण

 


जशपुर।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। बगीचा थाना क्षेत्र में झाड़ियों में एक नवजात बच्ची खून से लथपथ पाई गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद जब एक नाबालिग थाने पहुंची और जो कहानी सुनाई, उसे सुनकर पुलिस भी स्तब्ध रह गई।

तीन साल से शोषण, फिर नवजात को छोड़ आई झाड़ियों में

नाबालिग ने पुलिस को बताया कि डुमरटोली गांव का रहने वाला 26 वर्षीय रितेश तिग्गा पिछले तीन वर्षों से उसका यौन शोषण कर रहा था। इस दौरान वह गर्भवती हो गई और हाल ही में उसने सात महीने की एक बच्ची को जन्म दिया। समाज और परिवार के डर से उसने बच्ची को राजपुरी नदी किनारे की झाड़ियों में फेंक दिया। बच्ची की हालत गंभीर थी और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

31 मार्च को ग्रामीणों ने सुनाई थी रोने की आवाज

घटना 31 मार्च की है, जब राजपुरी नदी किनारे राहगीरों ने झाड़ियों से रोने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो एक नवजात बच्ची खून से लथपथ पड़ी हुई थी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। बगीचा पुलिस ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी।

थाने पहुंचकर नाबालिग ने बताई पूरी कहानी

पुलिस इस बात की जांच कर रही थी कि बच्ची किसकी है। तभी एक नाबालिग खुद थाने पहुंची और पूरा सच बयां कर दिया। उसने साहस जुटाकर पुलिस को बताया कि वह ही नवजात की मां है और रितेश तिग्गा नामक युवक उसे लंबे समय से शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दे रहा था। डर, शर्म और सामाजिक दबाव के कारण वह पहले कुछ नहीं कह सकी।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, केस दर्ज

बगीचा थाना प्रभारी संतलाल आयाम ने बताया कि नाबालिग की शिकायत पर आरोपी रितेश तिग्गा के खिलाफ IPC की धारा 376 (बलात्कार) और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने पीड़िता को कानूनी सहायता भी मुहैया कराई है और मामले की जांच जारी है।

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