
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित अटल आवास में धर्मांतरण को लेकर तनाव फैल गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ‘संडे प्रेयर’ के नाम पर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा है। आरोपों के सामने आते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सरकंडा थाने पहुँच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
धर्म परिवर्तन के नाम पर विरोध, पुलिस ने पास्टर को लिया हिरासत में
रविवार को संडे प्रेयर के दौरान कथित रूप से चल रहे धर्मांतरण के खिलाफ लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक चर्च समूह द्वारा गरीबों और आदिवासी परिवारों को लालच और दबाव देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक पास्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और जांच शुरू कर दी है।
थाने के बाहर हंगामा, आरोपियों पर कार्रवाई की माँग
घटना के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सरकंडा थाने के बाहर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यह गतिविधियाँ समाज में धार्मिक तनाव फैला रही हैं और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
क्या कहता है कानून?
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को बल, लालच या छल से धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जाता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को 5 साल तक की जेल और आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।
🟠 स्थिति पर पुलिस की सतर्क निगरानी बनी हुई है और जांच जारी है।
🟢 विरोध प्रदर्शन के कारण इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
🔴 धार्मिक तनाव को देखते हुए प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।
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