
उज्जैन। महाकाल मंदिर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए 2.25 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जहां पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसी के तहत शनिवार को निजामुद्दीन कॉलोनी के 257 मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पहले ही दिया गया था अल्टीमेटम
शुक्रवार को प्रशासन ने रहवासियों को मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। शनिवार सुबह मकानों से सामान निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
32 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित
प्रशासन द्वारा रहवासियों को कुल 66 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की गई थी, जिसमें से अब तक 32 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। क्षेत्र में स्थित तकिया मस्जिद को भी सौहार्द्रपूर्ण तरीके से हटाने की योजना बनाई गई है।
महाकाल क्षेत्र का होगा सुव्यवस्थित विकास
महाकाल मंदिर क्षेत्र में इन विकास कार्यों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाना है। पार्किंग व्यवस्था, सुंदरीकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, इस कदम को लेकर स्थानीय निवासियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
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