बंडामुंडा रेलखंड में हाथियों की सुरक्षा के लिए एआई कैमरा सर्वे, ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही की दिशा में बड़ा कदम


चक्रधरपुर संवाददाता । चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा रेलखंड के विभन्नि हस्सिों में हाथियों के बार-बार ट्रैक पार करने से हो रही दुर्घटनाओं और ट्रेन संचालन में उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए गुरुवार को रेल विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एलीफेंट कॉरिडोर का सर्वे किया। सर्वे के दौरान बंडामुंडा डी केबिन से ए केबिन के बीच डाउन और अप लाइन, डूमेरता से लाठीकटा तक के क्षेत्रों सहित हाथियों का आने जाने वाले स्थानों का निरीक्षण किया गया। रेलवे टेलीकॉम विभाग के अधिकारी ने बताया कि एआई कैमरे 2 किलोमीटर तक की दूरी तक स्पष्ट निगरानी कर सकते हैं, जबकि खुली जगहों में इसकी क्षमता 3 से 5 किलोमीटर तक बढ़ जाती है । 
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा सुनश्चिति करते हुए ट्रेनों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि हाथियों की जान और ट्रेनों की सुरक्षा दोनों हमारी समान प्राथमिकता है। 
इस परियोजना के तहत रेलवे ट्रैक किनारे विशेष सेंसर, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और थर्मल इमेजिंग उपकरण लगाए जाएंगे। ये सभी डिवाइस हाथियों की गतिविधियों का रियल-टाइम डेटा कंट्रोल रूम तक भेजेंगे, जहां एआई सॉफ्टवेयर तुरंत वश्लिेषण कर लोको पायलट को अलर्ट करेगा। समय रहते चेतावनी मिलने से ट्रेन की गति कम की जा सकेगी और किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सकेगा। वन विभाग और दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से लागू की जा रही यह तकनीक आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षित रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगी।
चक्रधरपुर में किया जा चुका है एआई कैमरा लगाने का प्रयोग 
चकधरपुर रेल मंडल में पिछले एआई कैमरा लगाने का प्रयोग किया जा चुका है। इस दौरान गुजरात के वनतारा अभ्यारण से दो हाथियों को लाकर एआई कैमरा लगाने का प्रयोग किया जा चुका है। दो दिनों कर रेलवे के डीआरएम सहित एसएंडटी विभाग के अधिकारी व कर्मचारिर्यो के द्वारा टेंट लगाकर एआई डिवाईस लगाने का प्रयोग किया जा चुका है।

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