ओडिशा राज्यसभा चुनाव में दिलचस्प मुकाबला तय: चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में, भाजपा-बीजद-कांग्रेस की रणनीति पर टिकी सबकी नजर

 


नामांकन की अंतिम तारीख पर बढ़ी सियासी हलचल, चार सीटों के लिए पांच नेताओं ने भरा पर्चा

भुवनेश्वर, 6 मार्च। ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक कुल पांच उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया। उम्मीदवारों की संख्या सीटों से अधिक होने के कारण अब 16 मार्च को चुनाव होना लगभग तय माना जा रहा है।


भाजपा ने उतारे दो अधिकृत उम्मीदवार, मनमोहन सामल 22 साल बाद फिर पहुंच सकते हैं राज्यसभा

भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष Manmohan Samal और मौजूदा सांसद Sujit Kumar ने मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
मनमोहन सामल के लिए यह चुनाव खास माना जा रहा है, क्योंकि वे लगभग 22 साल बाद दोबारा राज्यसभा जाने की दौड़ में हैं। इससे पहले वे वर्ष 2000 से 2004 तक राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं।


पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भरा पर्चा, मुकाबला हुआ दिलचस्प

भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री Dilip Ray ने भी नामांकन दाखिल किया। उनके चुनाव मैदान में उतरने से अब चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवारों के बीच मुकाबला तय हो गया है, जिससे राज्यसभा चुनाव और अधिक रोचक हो गया है।


बीजद ने संतृप्त मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होता को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस और वामदलों का समर्थन

विपक्षी Biju Janata Dal की ओर से वरिष्ठ नेता Santrupt Misra और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट Dr. Datteshwar Hota ने नामांकन दाखिल किया।
बीजद ने डॉ. होता को उनके सामाजिक और परोपकारी कार्यों को देखते हुए “सर्वमान्य उम्मीदवार” के रूप में प्रस्तुत किया है। इस उम्मीदवार को Indian National Congress और वामदलों का भी समर्थन मिलने की घोषणा की गई है।


नामांकन के दौरान दिखा अनोखा राजनीतिक दृश्य, नवीन पटनायक और कांग्रेस नेता साथ बैठे

नामांकन के दौरान एक दिलचस्प राजनीतिक दृश्य भी सामने आया, जब Naveen Patnaik और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Bhakta Charan Das एक साथ बैठे दिखाई दिए।
आमतौर पर अन्य दलों से दूरी बनाए रखने की बात कहने वाली बीजद और कांग्रेस के इस समीकरण ने राज्य की राजनीति में नए संकेत दिए हैं। हालांकि नवीन पटनायक ने भविष्य में किसी स्थायी राजनीतिक गठबंधन की संभावना से फिलहाल इनकार किया है।


147 सदस्यीय विधानसभा का गणित, भाजपा को दो सीटों पर बढ़त तो चौथी सीट पर मुकाबला

147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा के गणित के अनुसार सत्तारूढ़ भाजपा के पास तीन निर्दलीय विधायकों सहित लगभग 82 विधायक हैं, जिससे पार्टी कम से कम दो सीटें आसानी से जीत सकती है।
वहीं 48 विधायकों के साथ बीजद के खाते में एक सीट जाने की संभावना मानी जा रही है। चौथी सीट को लेकर भाजपा, बीजद और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।


2 अप्रैल को खत्म हो रहा चार राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल, इसलिए हो रहा चुनाव

ओडिशा से राज्यसभा के चार सदस्यों — Mamata Mohanta, Sujit Kumar, Niranjan Bishi और Munna Khan — का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इन्हीं सीटों को भरने के लिए यह चुनाव कराया जा रहा है।


6 मार्च को नामांकन की जांच, 16 मार्च को मतदान और उसी दिन आएंगे नतीजे

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 9 मार्च तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि चुनाव की आवश्यकता पड़ी तो 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी होने की संभावना है।

 

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